करियर की शुरुआत से ही निवेश करने की आदत डालें, जल्दी निवेश करने से कंपाउंडिंग का मिलेगा ज्यादा लाभ

कैम्पस सिलेक्शन के कारण कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर निकलने वाले युवाओं को अच्छा सैलरी पैकेज मिल रहा है। चूंकि करियर की शुरुआत में जिम्मेदारियां अधिक नहीं होती है, लिहाजा उनके पास शेयर बाजार में निवेश करने की काफी गुंजाइश होती है। लेकिन यदि शेयर बाजार की पर्याप्त समझ नहीं है तो वे म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश कर सकते हैं। इससे उन्हें म्यूचुअल फंड के फंड मैनेजरों के अनुभव का लाभ मिल सकता है। क्योंकि वे निवेशकों से पैसे पर्याप्त रिसर्च के बाद शेयरों में खरीद-बिक्री करते हैं और उन पर मिला रिटर्न निवेशकों को मुहैया कराते हैं। जितना जल्दी निवेश शुरू करेंगे कंपाउंडिंग का लाभ उतना ज्यादा मिलेगा।



अगर कोई 25 साल की उम्र में हर महीने 1000 हजार रुपए का निवेश करता है तो 12% रिटर्न की स्थिति में 60 साल की उम्र में उसके पास 64 लाख रुपए होंगे। वहीं, कोई अगर 35 साल की उम्र से 60 साल की उम्र तक हर महीने 1000 रुपए निवेश करता है तो 12% के समान दर पर उसके पास 35 लाख रुपए ही होंगे।



जोखिम-रिटर्न का ट्रेंड पहचाननेमें आसानी
पहली सैलरी पाने के साथ नियमित निवेश शुरू करने का एक फायदा और है। इससे निवेश के हर विकल्प के जोखिम और संभावित रिटर्न का बेहतर अनुमान लगाने की समझ बढ़ती है। समय के साथ मिला अनुभव आपके पोर्टफोलियो को मजबूत बनाता है।