हत्या, डकैती, लूट, छेड़छाड़, बलात्कार व अपहरण जैसे गंभीर अपराध 85% तक घटे, दो दिन में सिर्फ 3 केस दर्ज





इंडियन पैनल कोड (आईपीसी) में शुमार गंभीर अपराधों की दस कैटेगरी में लॉकडाउन के दो दिनों में 85 फीसदी की गिरावट आई है। आम दिनों में भोपाल में औसतन रोजाना 9-10 गंभीर अपराध दर्ज किए जाते हैं। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, डकैती, चेन लूट, अन्य लूट, लूट का प्रयास, नकबजनी, छेड़छाड़, बलात्कार और अपहरण को शामिल किया जाता है। भोपाल में 70-75 अपराध दर्ज किए जाते हैं। बीते दो दिनों में भोपाल में 106 अपराध दर्ज हुए हैं, इनमें 21 मामले लॉकडाउन के दौरान शासन के आदेश के उल्लंघन के शामिल हैं।


आपसी मामले के सबसे ज्यादा केस दर्ज
रविवार-सोमवार के बीच आपसी मारपीट के मामले ही सबसे ज्यादा दर्ज हुए हैं। इस दौरान हुई मारपीट में भोपाल के अलग-अलग थानों में कुल 24 अपराध दर्ज किए गए। महिला संबंधी अपराध यानी अपहरण, बलात्कार और छेड़छाड़ में भी भारी गिरावट है। एक किशोरी की शिकायत पर बिलखिरिया पुलिस ने एक नाबालिग के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया है। बाल अपचारी ने टीवी दिखाने के बहाने उसके साथ अश्लील हरकत की है। 15 साल की किशोरी ने शोर मचाया तो वह भाग निकला। डीआईजी इरशाद वली का कहना है कि लॉकडाउन के मद्देनजर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। संपत्ति संबंधी अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सूने मकानों की तस्दीक पुलिस घर-घर जाकर कर रही है। कोरोना के डर से भी आपराधिक तत्व घर से नहीं निकल रहे हैं। यही वजह है कि अपराधों में इतनी कमी आई है।